बीज उपचार एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके द्वारा पौधे को रोग मुक्त बनाया जाता है। जिससे की किसान को अच्छी पैदावार हो सके तथा पौधे की बडवार अच्छी हो सके। फसलों को बीज-जनित तथा मृदा-जनित रोगों से बचने के लिये बुआई के पहले बीजों को कुछ रसायनों तथा जैविकी उर्वरक (जैविक कल्चर) से उपचारित की किया जाता है। बीज उपचार से बीज में उपस्थित आन्तरिक या वाह्य रूप से जुड़े रोगजनक (फफूद, जीवाणु, विषाणु एवं सूत्रकृमि) और कीट नष्ट हो जाते है, जिससे बीजों का स्वस्थ अंकूरण तथा अंकुरित बीजों का स्वस्थ विकास होता है|
भारत में बीज उपचार की आवश्यकता क्यूँ है?
एक उत्तम बीज से फसल का अच्छा उत्पादन होता है, इसके लिये आवश्यक है की बीज की गुणवत्ता अच्छी हो तथा अंकुरण के समय और पौधे की वृद्घि के समय पौधे को किसी प्रकार की कोई बिमारी तथा किसी रोगकरक के प्रकोप से बचाने के लिये बुआई से पूर्व ही बीज को उपचारित कर के बौना चाहिए ताकी फसल को रोगाकरक के प्रकोप से बचाया जा सेक तथा किसान अच्छी पैदावार मिले।
बीज उपचार के लाभ-
बीज उपचार से मिट्टी तथा बीज जनित रोगकरक से पौधे को बचाता है तथा स्वस्थ अंकुरण होता है ।